Vasant panchmi kab hai





वसंत पञ्चमी, श्रीपंचमी कहे त्योहार एक ही हैं। और यह त्योहार फरवरी 16, 2021 को मंगलवार के दिन बनाया जायेगा। और ये त्योहार बाघों में फूलों पर बहार आने का खेहतो मे सरसों का सोने जैसे चमकने का और इस दिन हम विधा कि देवी मॉ सरस्वती कि पूजा करते हैं पूरे साल जिन छ मोसमो में बाँटा गया हैं उनमें वसंत लोगो का सबसे प्रिय मोसमो में से एक हैं। और इस समय हर तरफ रंग – बिरंगी तितलीया उड़ने लगती हैं।





प्राचीन भारत में वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पांचवे दिन एक बड़ा जश्न मनाया जाता है जिसमें भगवान विष्णु व कामदेव की पूजा की जाती है और यह वसंत पञ्चमी त्यौहार कहलाता हैं।





बसंत पञ्चमी क्यों मनाई जाती है





प्राचीन काल से ही बसंत पञ्चमी को माता सरस्वती के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है ऐसा माना जाता है कि सृष्टि के निर्माण के बाद सृष्टि के सुनेपन को दूर करने के लिए ब्रह्मा जी के कमंधल से माता सरस्वती प्रकट हुई और उन्होंने अपनी बिना को बजाकर संपूर्ण सृष्टि के सुनेपन को दूर कर दिया माता सरस्वती विधा, बुद्धि और संगीत के देवी हैं





जिनके कर कमलों में बिना शोभायमान होती हैं बसंत पञ्चमी का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व है ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन श्री राम माता सीता की खोज में दक्षिण भारत के दंडकारण्य वन पहुंचे थे जहां पर शबरी ने श्री राम को झूठे बेर खिलाए थे आज भी वहां के वनवासी उस स्थान को पूछते हैं और वहां माता शबरी और भगवान राम का मंदिर भी बनाया हुआ है ऐसा कहा जाता है





कि इसी दिन भारत के प्रसिद्ध संत शिरोमणि श्री नामदेव का जन्म हुआ था संत शिरोमणि श्री नामदेव जी का जन्म पंधरपुर मराठवाड़ा महाराष्ट्र में 26 अक्टूबर 1270 को कार्तिक शुक्ल एकादशी संवत 1327 को हुआ श्री नामदेव जी संपूर्ण दर्जी समाज के एकमात्र प्रमुख संत हैं जिन की कुछ प्रमुख रचनाएं सिखों की धार्मिक पुस्तक गुरु ग्रंथ साहिब में भी देखने को मिल जाती है 





बसंत पंचमी पर लेख निबंध / basant panchami speech in hindi





बसंत पञ्चमी एक लोकप्रिय हिंदू त्यौहार है जो बसंत ऋतु के आग मन का प्रतीक है वसंत पञ्चमी के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती जी का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन सरस्वती जी की पूजा अर्चना की जाती है बसंत पञ्चमी पर हमारी फसल गेहूं चना आदि तैयार हो जाती है इसलिए इसकी सूची में सभी पञ्चमी का त्यौहार मनाते हैं इस दिन लोग पीले कपड़े पहनते हैं और पीले फूलों से मां सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं बसंत ऋतु ऋतु का राजा कहलाया जाता है स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह रितु बड़ी ही उपयुक्त है इसमें प्रकृति का सौंदर्य सभी रितु से अधिक होता है इस दिन सभी विद्यालयों में मां सरस्वती की अर्चना की जाती है इस तरह बसंत पञ्चमी का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ पूर्ण होता है।





वसंत पञ्चमी शायरी / vasant panchami shayari





लेके मौसम की बहार





आया वसंत ऋतु का त्योहार





आओ हम सब मिलकर मनाएं





दिल में भरकर उमंग और प्यार





बसंत पञ्चमी की बधाई ॥





उडे पतंग आसमान में सबकी निराली 





पीली लाल हरी नीली और काली 





आओ मिलकर हम सब वसंत मनाए 





द्वार पर अपने रंगीली रंगोली सजाएं 





बसंत पञ्चमी की हार्दिक शुभकामनाएं ॥





जीवन का यह बसंत,





आप सबको खुशियां दे अनंत 





प्रेम और उत्साह का भर दे जीवन में रंग 





बसंत पञ्चमी की बधाई ॥





बहारों में बहार बसंत





मीठा मौसम मीठी उमंग





रंग बिरंगी उड़ती अकाश में पतंग





तुम साथ हो तो है इस





जिंदगी का और ही रंग





हैप्पी बसंत पञ्चमी ॥





basant panchami speech in english





  1. Basant panchmi is a Hindu festival which is celebrated in weather January or February.
  2. Basant panchmi marks the starting of spring season and the arrival of spring is celebrated with full joy.
  3. Basant Panchami is celebrated on the 5th day of the shukl Paksh of Magha month.
  4. At this time the season becomes very pleasant due to the end of winter and the arrival of spring.
  5. Festival of Basant Panchami is also celebrated by worshiping Saraswati who is considered as the Goddess of wisdom.
  6. Saraswati Puja is also celebrated in the Institutions of education and learning with where students and magicians worship her with full devotion.
  7. Lots of Puja pandals are constructed and the idols of goddess Saraswati are placed inside it for worshiping.
  8. On this day people wear yellow clothes and offer prayers to goddess Saraswati with yellow flowers.
  9. On Basant panchmi kite flying has become a tradition and is enjoyed with great Joy especially in rural areas.
  10. Basant panchmi is a festival associated with religious seasonal and social significance among the people.




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